द फॉलोअप, रांची
भाजपा विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं को नियमित एवं स्थायी रूप से वाहन उपलब्ध कराने का मामला उठाया। इस संबंध में विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता की ओर से विधानसभा सचिव को नियम 263(1) के तहत निवेदन सौंपा गया है। निवेदन में कहा गया है कि पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत राज्य के 26 पथ प्रमंडलों के अधीन राज्य राजमार्ग, प्रमुख जिला सड़क और अन्य जिला सड़कों की कुल लंबाई 13 हजार किलोमीटर से अधिक है। इन सड़कों के साथ-साथ पुल-पुलियों के अनुरक्षण, रखरखाव और उनकी राइडिंग क्वालिटी की निगरानी की जिम्मेदारी विभाग के अभियंताओं पर है।

निवेदन के मुताबिक, विभाग की ओर से 26 पथ प्रमंडलों तथा 26 प्रमंडल स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण अभियंताओं को कार्य निष्पादन के लिए पर्याप्त वाहन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसके कारण सड़क, पुल और पुलियों के नियमित निरीक्षण तथा गुणवत्ता जांच में परेशानी होती है। निवेदन में कहा गया है कि पथ गुणवत्ता नियंत्रण अभियंता राज्य में प्रस्तावित योजनाओं की गुणवत्ता की जांच करते हैं, लेकिन उन्हें नियमित वाहन उपलब्ध नहीं है। वहीं, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) और उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे अन्य राज्यों में सहायक अभियंताओं को वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

विधायक ने यह भी उल्लेख किया है कि क्षेत्रीय स्तर पर राजकीय सहायक अभियंताओं को वाहन उपलब्ध कराने के लिए वित्त विभाग का संकल्प संख्या 2316, दिनांक 4 अक्टूबर 2024 लागू है। निवेदन के माध्यम से विभागीय मंत्री से मांग की गई है कि अन्य राज्यों की व्यवस्था की तर्ज पर झारखंड में भी सड़कों, पुलों एवं पुलियों के नियमित अनुरक्षण, निरीक्षण और गुणवत्ता जांच के लिए संबंधित अभियंताओं को स्थायी रूप से वाहन उपलब्ध अथवा आवंटित करने की व्यवस्था की जाए।
