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रामगढ़ में हाथियों का कहर जारी, दो और लोगों को रौंदकर मारा; 3 दिन में छह की गई जान

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द फॉलोअप डेस्क
रामगढ़ जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को हाथियों के हमले में दो और लोगों की जान चली गई। कुजू वन क्षेत्र के करमा (सुगिया) प्रोजेक्ट स्थित पीट ऑफिस के पास कोयला चुनने गए सुगिया गांव के रहने वाले लोकनाथ मुंडा (40) पर हाथियों ने हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। दूसरी घटना रामगढ़ वन क्षेत्र की है, जहां कुंदरू सरैया स्थित एक ईंट भट्ठे पर काम कर रही काजल देवी (32) की हाथियों के हमले में जान चली गई। दोनों घटनाओं के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। रेंजर बटेश्वर पासवान ने पीड़ित परिवारों को तत्काल 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। 


गौरतलब है कि इससे पहले 17 दिसंबर को वेस्ट बोकारो ओपी क्षेत्र में हाथियों के हमले में दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है। इस तरह महज तीन दिनों के भीतर रामगढ़ जिले में हाथियों के हमले से कुल छह लोगों की जान जा चुकी है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन विभाग के रेंजर बटेश्वर पासवान ने बताया कि कुछ हाथी अपने झुंड से भटक गए हैं। उन्हें चिन्हित कर दोबारा झुंड से मिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की है कि हाथियों के दिखने पर उनसे दूरी बनाए रखें, उन्हें छेड़ने की कोशिश न करें और तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।


हाथियों के हमले का असर क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। 17 दिसंबर को चार लोगों की मौत के बाद सरस्वती शिशु मंदिर आरा को बंद कर दिया गया था। वहीं 17 और 18 दिसंबर को राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुंदरिया भी बंद रहा। शुक्रवार को स्कूल खोला गया, लेकिन भय के माहौल के कारण महज 20 से 25 बच्चे ही स्कूल पहुंचे। विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुमन गुप्ता ने बताया कि 16 दिसंबर को एक हाथी ने स्कूल के स्टोर रूम का दरवाजा तोड़ दिया था और वहां रखी चार बोरी चावल खा गया था। इसके बाद बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया था।