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ब्रेन मलेरिया से एक और बच्चे की मौत, अब तक 8 जानें गयी

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द फॉलोअप डेस्क
पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पटमदा प्रखंड के खाड़ियासाई गांव निवासी चार वर्षीय शिव सरदार की ब्रेन मलेरिया से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे जमशेदपुर के सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस मौत के साथ ही जिले में इस वर्ष मलेरिया से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुरुवार को जिले के 11,090 संदिग्ध लोगों की जांच की गई, जिसमें 101 नए मलेरिया मरीज मिले। इनमें 67 मरीज फाल्सीपेरम मलेरिया से संक्रमित पाए गए, जिसे मलेरिया का गंभीर रूप माना जाता है। वहीं, 31 लोगों में प्लास्मोडियम विवैक्स मलेरिया की पुष्टि हुई। जिले में 29 जून से 9 जुलाई के बीच अब तक कुल 1,603 मलेरिया मरीज मिल चुके हैं।


पटमदा में सबसे ज्यादा मरीज, कई गंभीर अस्पताल में भर्ती
जांच रिपोर्ट के अनुसार पटमदा प्रखंड में सबसे अधिक 21 नए मरीज मिले हैं। इसके अलावा डुमरिया में 19, घाटशिला में 16, मुसाबनी में 16, धालभूमगढ़ में पांच और चाकुलिया में एक मरीज की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सदर अस्पताल खासमहल में 40 मरीज भर्ती हैं, जबकि एमजीएम अस्पताल में 11 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें छह मरीज आईसीयू में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, रात में मच्छरदानी का उपयोग करने और बुखार होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराने की अपील की है। प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे, जांच और दवा वितरण का अभियान लगातार चलाया जा रहा है ताकि संक्रमण पर जल्द काबू पाया जा सके।


लगातार बढ़ते मामलों से बढ़ी चिंता
ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही मौतों और तेजी से बढ़ते मलेरिया संक्रमण ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर इलाज और जागरूकता की कमी के कारण हालात गंभीर हो रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पॉल ने लोगों से छतों पर रखे टायर, टूटे बर्तन और कूलरों में पानी जमा नहीं होने देने, नियमित मच्छरदानी के इस्तेमाल और बुखार होने पर बिना देरी सरकारी अस्पताल में जांच कराने की अपील की है।

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