द फॉलोअप डेस्क
रांची समेत पूरे झारखंड में शीतलहर का असर लगातार तेज होता जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल ठंड से राहत के कोई खास संकेत नहीं हैं। उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही सर्द हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। आने वाले तीन से चार दिनों तक तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। 29 दिसंबर को न्यूनतम तापमान लगभग स्थिर रह सकता है, जबकि 30 दिसंबर के बाद धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई है। हालांकि तापमान में संभावित बढ़ोतरी के बावजूद सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित रहेगा। राज्य के लगभग सभी जिलों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है। राजधानी रांची में रविवार को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर कहीं अधिक देखा गया।

कांके क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कोल्हान क्षेत्र में भी पारा 2.5 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। ठंडी हवाओं के कारण सुबह और शाम के समय लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। खुले और ग्रामीण क्षेत्रों में हालात शहरी इलाकों की तुलना में अधिक गंभीर बने हुए हैं। रांची और आसपास के क्षेत्रों में ठंड ने पुराने रिकॉर्ड भी तोड़ दिए हैं। मैक्लुस्कीगंज के जोभिया स्थित राणा कंट्री कॉटेज में लगे डिजिटल मीटर में न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले करीब 20 वर्षों में यह पहला मौका है जब तापमान एक डिग्री से नीचे पहुंचा है। रांची में रविवार इस सीजन का अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। बीते 24 घंटे में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री गिरकर 6.2 डिग्री पर पहुंच गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। हालांकि अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी से दिन के समय कुछ राहत जरूर मिली।

घने कोहरे का असर हवाई यातायात पर भी साफ नजर आया। बीते 24 घंटे में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से संचालित 13 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कई फ्लाइट्स देरी से रवाना हुईं। सुबह की उड़ानें सबसे ज्यादा प्रभावित रहीं। रांची से कोलकाता, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, पटना, मुंबई और अहमदाबाद जाने वाली कई उड़ानें अपने निर्धारित समय से देर से रवाना हुईं। फ्लाइट रद्द होने और देरी के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि मौसम साफ होने पर उड़ान संचालन सामान्य किया जाएगा, लेकिन यदि कोहरे की स्थिति बनी रहती है तो आगे भी दिक्कतें आ सकती हैं।