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आलोक स्टील प्लांट के प्रदूषण पर मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, रामगढ़ डीसी को कार्रवाई के निर्देश

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द फॉलोअप डेस्क
रामगढ़ जिले के बूढ़ाखाफ इलाके में संचालित आलोक स्टील प्लांट स्थानीय लोगों के लिए गंभीर संकट बनता जा रहा है। प्लांट से निकलने वाला डस्ट आसपास के खेतों, जंगलों और पेड़-पौधों पर जम रहा है, जिससे पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ने की आशंका है। खेतों में खड़ी फसलें और जंगल की हरियाली धूल की मोटी परत से ढकती जा रही हैं। स्थानीय लोग इसे बेहद खतरनाक स्थिति बता रहे हैं। इसी समस्या को लेकर क्षेत्र के एक व्यक्ति ने वीडियो बनाकर अपनी नाराजगी और पीड़ा जाहिर की है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पेड़-पौधों पर जमी धूल किस तरह पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है। वह व्यक्ति झल्लाते हुए पौधों पर जमे प्रदूषण को हाथ से उड़ाकर दिखाता है और सवाल उठाता है कि जब यही सब हम खाएंगे तो हमारे स्वास्थ्य का क्या होगा। उसकी आवाज़ में गुस्सा भी है और लाचारी भी। वीडियो में वह कुछ जिम्मेदार लोगों को खुली चुनौती भी देता है। वह कहता है कि आप यहां आकर एक महीने रहिए, खाने-पीने और रहने की पूरी व्यवस्था मैं कर दूंगा। अगर आप यहां रह पाए तो मैं मान जाऊंगा कि सब ठीक है। उसकी इस चुनौती से साफ झलकता है कि वह इस प्रदूषण से कितना त्रस्त और परेशान हो चुका है। इस मामले ने अब राज्य स्तर पर भी ध्यान खींचा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पर संज्ञान लेते हुए स्पष्ट कहा है कि ऐसी स्थिति बिल्कुल भी बर्दाश्त के काबिल नहीं है। उन्होंने रामगढ़ के उपायुक्त को तत्काल संज्ञान लेने और न्यायोचित कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।