रांची:
भारतीय जनतंत्र मोर्चा के अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी ने आज डोरंडा स्थित वन भवन के बाहर भूख हड़ताल कर रहे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। इस अवसर पर धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि वन विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी गत 12 अप्रैल से लगातार मुख्यालय सहित अपने-अपने जिलों में हड़ताल कर रहे है और राज्य के मंत्री/विधायक, आला अफसरों को अपने मांगों से अवगत करा रहे है, उन्हें ज्ञापन पत्र भी सौंप रहे है।

निरंकुश शासन ने अनसुना किया मांग
धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि इस राज्य की निरंकुश सरकार और तानाशाह अफसर इनके मांगों को अनसुना कर रहे हैं। उनकी कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। मौजूदा गठबंधन सरकार और इसके तंत्र ने एक बार भी इन हड़ताली कर्मचारी भाईयों की सुध नहीं ली, इनके जायज मांगों से उन्होंने मुंह फेर लिया। इससे इन सभी मौका परस्तों का राज्य के आम आदमी/छोटे वेतनभोगी कर्मी के प्रति तुच्छ मानसिकता और असंवेदनशीलता का पता चलता है।
लाभ पहुंचाने की मंशा से हो रही है छंटनी
धर्मेंद्र तिवारी ने बताया कि ये सभी हड़ताली कर्मचारी बंधु, वन विभाग में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में पिछले 15 से 18 वर्षों से कार्यरत है और अपनी गुणवतापूर्ण सेवाएं दे रहे हैं लेकिन, वन विभाग के कुछ लोभी पदाधिकारी के अनुचित निर्णय के कारण इनके स्थान पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नई कर्मियों को नियुक्त करने का साजिश रचा जा रहा है। ऐसा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को सुनियोजित षडयंत्र के तहत किसी एक खास एजेंसी को लाभ पहुंचाने की मंशा से उन्हें अपने कर्तव्यों से हटाया जा रहा है।
किसी भी दल ने इनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया
धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि राज्य का कोई भी राजनीतिक दल, चाहे वो क्षेत्रीय हो या राष्ट्रीय, उन्होंने इनकी मांगों को सक्षम स्तर तक पहुंचाने, उन्हें क्रियान्वित करने का प्रयत्न नहीं किया। उन्हें इनमें अपना हित और वोट साधने वाला मुद्दा नजर नहीं आता। ऐसा लगता है जैसे सभी राजनीतिक दल वोट बैंक से बंधे हुए है और केवल वोट की राजनीति करने में निपुण है।
वन विभाग किसी भी भ्रम में ना रहें
उन्होंने कहा कि वन विभाग इस भ्रम में न रहे कि इन हड़ताली कर्मचारी बंधुओं के पीछे कोई नहीं है। इनकी मांगों को पूरा कराने के लिए हो रहे आंदोलन का समर्थन भारतीय जनतंत्र मोर्चा करती रहेगी और कदम से कदम मिलाकर इनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने विभाग को चेताया कि वे इस गफलत में न रहे कि इनका हड़ताल कमजोर हो गया है या समाप्त हो गया है। जब तक इनकी जायज मांगे पूरी नहीं होगी तब तक इनका आंदोलन जारी रहेगा, उत्तरोतर यह और तेज होगा।

अनशन तुड़वाने में ये लोग भी शामिल थे
उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दिनों इस मुद्दे पर वन विभाग के अपर मुख्य सचिव से फोन पर वार्ता हुई थी और उन्होंने बताया कि वे अभी अवकाश पर है, वापस आने पर ही इस विषय पर बात करेंगे। श्री तिवारी ने कहा कि वे एक-दो दिनों के भीतर विभागीय सचिव के कार्यालय वे उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर इन सारी समस्याओं/तथ्यों को उनके सामने रखेंगे और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को उनका हक और न्याय दिलाने का पूरा प्रयास करेंगे, जरूरत पड़ी तो इनके मांगों को पूरा कराने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री, राज्यपाल के पास भी जायेंगे और इन्हें न्याय दिलायेंगे। अनशन समाप्त कराने वालों में धर्मेंन्द्र तिवारी के साथ पार्टी उपाध्यक्ष, वीरेन्द्र कुमार सिंह, महासचिव, आशीष शीतल मुंडा, जिला महामंत्री मनोज सिंह आदि उपस्थित थे।