रांची:
भवनाथपुर से बीजेपी विधायक विधायक भानु प्रताप शाही ने गुरुवार को सदन में कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में विधायकों की अनुशंसा को नहीं लेने का मामला उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा है कि क्या यह सही है। कल्याण विभाग अंतर्गत सरना, मसना, धुमकुड़िया भवन, तालाब एवं अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में पीसीसी पथ निर्माण में स्थानीय जनप्रतिनिधि की अनुशंसा के बिना ही परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी जा रही है।

इस आधार पर दी जाती है स्वीकृति
कल्याण मंत्री चंपई सोरेन ने जवाब देते हुए कहा है कि उपयुक्त निर्माण के लिए जिलों से अधियाचना प्राप्त होती है। तथा जनप्रतिनिधियों (सांसद - विधायकों) से अनुसंशा प्राप्त होती है। इसी अनुशंसा एवं जिलों से मिले अधियाचना पर उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा स्वीकृति प्रदान की जाती है। विभागीय स्वीकृति के उपरांत एक करोड़ से ऊपर के प्राक्कलन पर विभाग द्वारा तथा एक करोड़ के अंतर्गत प्राक्कलन पर जिला उपायुक्त द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति दी जाती है।

बीजेपी विधायकों ने दर्ज कराई आपत्ति
मंत्री के जवाब का भाजपा विधायक रणधीर सिंह, सीपी सिंह सहित सत्ता पक्ष के भी कई विधायकों ने विरोध किया। कहा कि इन योजनाओं में विधायकों की अनुशंसा नहीं ली जा रही है।