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हर खेत तक पानी का लक्ष्य, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मसलिया–रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का निरीक्षण किया

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द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में हर खेत तक पानी पहुंचाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को लगातार गति दे रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने दुमका जिला अंतर्गत रानेश्वर प्रखंड के मुरगुनी में सिद्धेश्वरी नदी पर निर्माणाधीन मसलिया–रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का सोमवार को निरीक्षण किया और कार्य प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान विधायक आलोक कुमार सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार और सचिव प्रशांत कुमार भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह परियोजना दुमका जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इससे मसलिया व रानेश्वर प्रखंड की 22 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलनी है। ऐसे में शेष निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में पूरा किया जाए, ताकि इसे जल्द किसानों को समर्पित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसलिया–रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि सिद्धेश्वरी नदी के जल का अधिकतम सदुपयोग हो सके। इससे न केवल विशाल क्षेत्र में पटवन की सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर अधिक पानी को तालाबों और जलाशयों में भी डाइवर्ट किया जा सकेगा। परियोजना शुरू होने से स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।


80% कार्य पूरा- एल एंड टी ने दी जानकारी
परियोजना निर्माण कार्य देख रही एल एंड टी कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि कुल काम का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है।
बैराज निर्माण लगभग तैयार
15 गेटों में 90% से अधिक कार्य पूरा
तीन पंप हाउस में एक पूर्ण, दो निर्माणाधीन
पांच डिलीवरी चैंबर में तीन तैयार, दो जल्द पूरे होने वाले
कंपनी ने आश्वासन दिया कि अगले वर्ष जनवरी तक लगभग 6,400 हेक्टेयर भूमि में भूमिगत पाइपलाइन से सिंचाई सुविधा शुरू कर दी जाएगी।


22,283 हेक्टेयर जमीन को मिलेगा पानी
सिद्धेश्वरी नदी पर आधारित यह मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना झारखंड सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। इसके माध्यम से मसलिया प्रखंड के 15 पंचायत और रानेश्वर प्रखंड के 4 पंचायतों के कुल 226 गांवों की 22,283 हेक्टेयर कृषि भूमि में भूमिगत पाइपलाइन के जरिए सिंचाई सुविधा पहुंचाई जाएगी। इस परियोजना का 1,313 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण हो रहा है, जिसका शिलान्यास नवंबर 2022 में किया गया था। इस परियोजना के पूरा होने पर दुमका जिले की बड़ी आबादी को सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी और खेतों तक पानी पहुंचाने का राज्य सरकार का संकल्प बड़ी सफलता के साथ पूरा होगा।