रांची
झारखंड हाईकोर्ट ने समाजसेवी एवं भाजपा नेता प्रकाश कुमार सिंह के खिलाफ वर्ष 2024 में दर्ज मामले में चल रही आपराधिक कार्यवाही, चार्जशीट एवं तेनुघाट न्यायालय के संबंधित आदेशों को निरस्त कर दिया है। प्रकाश कुमार सिंह ने तेनुघाट व्यवहार न्यायालय द्वारा 17 दिसंबर 2025 को उनकी याचिका खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट में Cr.M.P. No. 2482 of 2026 दाखिल की थी। न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने 11 अगस्त को सुनवाई के बाद बेरमो थाना कांड संख्या 60/2024, जी.आर. संख्या 385/2024 से संबंधित पूरी आपराधिक कार्यवाही, चार्जशीट संख्या 01/2024, 03 जुलाई 2024 के cognizance order तथा 17 दिसंबर 2025 के तेनुघाट न्यायालय के आदेश को निरस्त कर दिया। उच्च न्यायालय का यह आदेश 11 अगस्त 2026 को पारित किया गया।

डिस्चार्ज याचिका खारिज करना विधिसम्मत नहीं था
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रकाश कुमार सिंह के विरुद्ध किसी भी धारा में आवश्यक तत्व पूरे नहीं होते हैं और याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध धारा 188, 171-एफ एवं 171-एच के तहत कोई अपराध नहीं बनता। साथ ही, न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी ने अपने आदेश में तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के 17 दिसंबर 2025 के आदेश पर कहा कि तेनुघाट व्यवहार न्यायालय द्वारा डिस्चार्ज याचिका खारिज करना विधिसम्मत नहीं था तथा रिकॉर्ड पर आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध नहीं थी। प्रकाश कुमार सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय कुमार ठाकुर, अधिवक्ता राजेश कुमार एवं अधिवक्ता अनीश कुमार सिन्हा ने उच्च न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा। फैसले के बाद प्रकाश कुमार सिंह ने कहा कि उनके विरुद्ध दर्ज FIR बेरमो के एक राजनीतिक परिवार के इशारे पर प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग के माध्यम से की गई थी।
