रांची
डोरंडा स्थित पुराने हाई कोर्ट भवन में शिक्षक नियुक्ति मामले में वन मैन फैक्ट के अध्यक्ष जस्टिस गौतम ने इस मामले में सुनवाई की है। इस दौरान फैक्ट कमेटी की ओर से पिछले झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमिशन के समक्ष कुछ दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। राज्य सरकार की ओर से भी नियुक्ति अभ्यर्थियों से संबंधित कुछ दस्तावेज दिए गए थे, लेकिन फैक्ट फाइटिंग कमीशन ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेज अधूरे बताए।
जॉइनिंग लेटर से लेकर नंबरों तक की पूरी जानकारी मांगी
कमीशन ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह अगली सुनवाई में नौकरी पाने वाले सभी उम्मीदवारों की पूरी जानकारी कोर्ट के सामने पेश करे। इसके तहत सरकार को चयनित उम्मीदवारों के जॉइनिंग लेटर (ऑफिस ऑर्डर), उनके विषय और कैटेगरी के अनुसार मिले नंबर, और जिलों के हिसाब से तैयार की गई मेरिट लिस्ट प्रस्तुत करनी होगी। इस मामले की अगली सुनवाई अब 23 मई को तय की गई है।
झारखंड हाईकोर्ट में शिक्षक नियुक्ति मामले की सुनवाई
हाईकोर्ट में शिक्षक नियुक्ति से जुड़े मामले की सुनवाई हुई, जिसमें माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद और जेएसएससी के उपसचिव बशीर अहमद कोर्ट में हाजिर हुए। याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता, अमृतांश वत्स और राजेश कुमार ने पक्ष रखा। पिछली सुनवाई में फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी ने राज्य सरकार और जेएसएससी को निर्देश दिया था कि वे जजमेंट के आधार पर इस नियुक्ति परीक्षा की स्टेट मेरिट लिस्ट के साथ सभी नियुक्त शिक्षकों के नाम, उनके नंबर और नियुक्ति की तारीख जैसी जरूरी जानकारियां पेश करें।
रिटायर्ड जस्टिस गौतम कुमार चौधरी करेंगे जांच की अगुवाई
अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 मई को पुराने हाईकोर्ट भवन (डोरंडा) में होगी। दरअसल, हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की कोर्ट ने मीना कुमारी और अन्य की 257 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई है, हाईकोर्ट ने इस मामले में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी को तीन महीने में जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इस कमेटी का अध्यक्ष हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को बनाया गया है।