रांची
केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान CIP, कांके में हुए नियुक्ति घोटाले को लेकर CBI की जांच में बड़े पैमाने पर यांनीयमितताओं को खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया है कि संस्थान में भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी कर धांधली की गई, जिसमें एक संदिग्ध निजी एजेंसी की भूमिका अहम रही। सीबीआई के अनुसार, परीक्षाओं के आयोजन के लिए “एडुटैस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड” नामक निजी एजेंसी को शामिल किया गया था, लेकिन इसके लिए आवश्यक वैधानिक मंजूरियां नहीं ली गई थीं। आरोप है कि इस एजेंसी के साथ मिलकर चयन प्रक्रिया के मानकों में हेरफेर किया गया, जिससे कुछ विशेष उम्मीदवारों को अनुचित लाभ मिल सके। जांच में पेपर लीक की आशंका भी जताई गई है।
प्रश्नपत्र लीक होने की भी आशंका
सीबीआई की जांच मुख्य रूप से 2015 से 2021 के बीच हुई नर्सिंग ऑफिसर भर्ती परीक्षाओं पर केंद्रित है। वर्ष 2015 के विज्ञापन में भर्ती नियमों को दरकिनार करते हुए अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़ाकर 30 वर्ष कर दी गई, ताकि कुछ उम्मीदवारों को लाभ मिल सके। वहीं, 2017 में आयोजित नर्सिंग ट्यूटर परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने की भी आशंका सामने आई है। जांच में यह भी पाया गया कि नियमों का उल्लंघन करते हुए अयोग्य उम्मीदवारों को नियुक्त किया गया, जबकि कुछ मामलों में फिजिकल और स्किल टेस्ट के दौरान गैर-पारदर्शी तरीके से उम्मीदवारों को बाहर कर मेरिट सूची में बदलाव किया गया।
