JTET परीक्षा में 5.65 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल, 986 केंद्रों पर होगी परीक्षा; जानें गाइडलाइन
रांची:
JTET EXAM NEWS: झारखंड में एक नवंबर को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों की तैयारियां तेज हैं, लेकिन निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचना भी उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। पहली पाली के परीक्षार्थियों को सुबह 7:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करना है। ऐसे में दूर-दराज के जिलों में केंद्र आवंटित होने वाले अभ्यर्थियों को यात्रा, समय और ठहरने की व्यवस्था को लेकर पहले से योजना बनानी होगी। करीब 10 साल बाद हो रही इस परीक्षा में राज्यभर के 5,65,048 अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके लिए कुल 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

पहली से आठवीं कक्षा तक के अभ्यर्थी होंगे शामिल
राज्य में आयोजित होने वाली JTET में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के अभ्यर्थी शामिल होंगे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक स्तर यानी कक्षा एक से पांचवीं तक के लिए 1,95,935 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में शामिल होने की तैयारी की है। वहीं, उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा छह से आठवीं तक के 3,69,113 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी। इसके लिए अभ्यर्थियों को सुबह 7:30 बजे तक निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित होगी।
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दूर के केंद्र मिलने से अभ्यर्थियों की बढ़ेगी परेशानी
परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचना अभ्यर्थियों के लिए अहम होगा। खासकर दूसरे जिले में केंद्र आवंटित होने वाले परीक्षार्थियों को यात्रा के लिए अतिरिक्त समय और पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। कई अभ्यर्थियों को परीक्षा से एक दिन पहले ही अपने केंद्र वाले शहर में पहुंचकर होटल या लॉज में ठहरने की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। इसके अलावा ठहरने की जगह से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए ऑटो, टैक्सी या अन्य परिवहन साधनों पर भी खर्च करना होगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने परीक्षा केंद्र की दूरी और यात्रा के समय को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी करें, ताकि परीक्षा के दिन जल्दबाजी और अनावश्यक तनाव से बचा जा सके।
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कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए मुख्य सचिव ने जारी किए निर्देश
JTET को शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने सभी जिलों के उपायुक्तों और वरीय पुलिस अधीक्षकों को परीक्षा के आयोजन से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में अनुचित तरीकों का इस्तेमाल करने, नकल कराने, गलत तरीके से सहायता देने या किसी भी तरह की साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित जिम्मेदारियों का पालन करना होगा। निर्देशों के अनुसार, परीक्षा कार्य में लगाए गए किसी व्यक्ति के जिम्मेदारी निभाने से इनकार करने पर भी तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परीक्षा के दौरान कदाचार के कारण निष्कासित किए जाने वाले अभ्यर्थियों को भविष्य में होने वाली JTET परीक्षा में शामिल होने से रोकने का प्रावधान भी निर्देशों में बताया गया है।
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परीक्षा से तीन दिन पहले जिलों को भेजे जाएंगे प्रश्नपत्र
परीक्षा की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि परीक्षा से तीन दिन पहले अभ्यर्थियों की संख्या के अनुसार प्रश्नपत्र संबंधित जिलों को भेजे जाएंगे। प्रश्नपत्रों को जिला कोषागार या उपकोषागार में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि उनकी गोपनीयता और सुरक्षा बनी रहे। इसके अलावा सादी ओएमआर शीट, उपस्थिति पत्रक और रोल शीट झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की ओर से जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) के कार्यालय में भेजी जाएगी। परीक्षा समाप्त होने के बाद ओएमआर शीट को मूल्यांकन के लिए निर्धारित केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

हर जिले में बनेगा नियंत्रण कक्ष
परीक्षा से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक जिले में एक नियंत्रण कक्ष संचालित किया जाएगा। इसका प्रभार वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारी को सौंपा जाएगा। नियंत्रण कक्ष के प्रभारी का नाम, पदनाम, फोन नंबर और ई-मेल आईडी की जानकारी मीडिया तथा सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा के दौरान आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करना है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों की निगरानी और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
उड़नदस्ता करेगा परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण
कदाचार पर रोक लगाने के लिए जिलों में उड़नदस्ता दल गठित किए जाएंगे। ये दल परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे और परीक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा के दौरान केंद्रों पर अनुशासन और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा जाए। परीक्षा केंद्रों के आसपास निर्धारित सीमा के भीतर केवल परीक्षा से संबंधित व्यक्तियों को ही मौजूद रहने की अनुमति होगी। अन्य लोगों की उपस्थिति पर प्रतिबंध रहेगा।
सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
JTET के दौरान परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। फुटेज की समीक्षा के लिए अलग दल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह दल परीक्षा में प्रतिनियुक्त कर्मचारियों और वीक्षकों की गतिविधियों की समीक्षा करेगा। किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। प्रशासन का जोर परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने पर है। लगभग एक दशक बाद आयोजित होने जा रही इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने को देखते हुए सुरक्षा, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और केंद्रों पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।