logo

उपेंद्र कुशवाहा ने एमएलसी पद से दिया इस्तीफा, कहा- छोड़, सड़क जा रहे

1622.jpg

द फॉलोअप डेस्क
JDU से बगावत कर अपनी नई पार्टी बनाने वाले उपेंद्र कुशवाहा ने शुक्रवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि यह कुर्सी लोगों की सेवा के लिए नहीं रह गई थी। यह सभी को पता है कि कुशवाहा किसी का एहसान लेकर राजनीति नहीं करता। मैं जमीर बेचकर अमीर बनने वालों में से नहीं हूं। उन्होंने कहा कि जिस दिन पार्टी की घोषणा की थी, उसी दिन सदस्यता से इस्तीफा देने की बात कही थी। कुछ औपचारिकता बाकी रह गई थी। दरअसल उस दिन सभापति देवेश चंद्र ठाकुर यहां नहीं थे। उनसे संपर्क किया तो आज का वक्त निर्धारित हुआ था। जिसके तहत मैंने उनको अपना इस्तीफा सौंप दिया।

राजनीति व्यक्तिगत सुख-सुविधा के लिए नहीं होती
उपेंद्र कुशवाहा ने इस्तीफा देने के बाद सीएम नीतीश कुमार पर एक बार फिर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी की कृपा के तले व्यक्तिगत सुख-सुविधा के लिए वो राजनीति नहीं कर सकते हैं। वैसे भी राजनीति व्यक्तिगत सुख-सुविधा के लिए नहीं होती। दबे-कुचले लोगों को न्याय दिलाने के लिए राजनीति होती है। इसलिए सदन की कुर्सी छोड़कर वो सड़क पर आ गए हैं। कुछ लोग कह रहे थे कुशवाहा को एमएलसी बनाकर एहसान किया। यह कुर्सी अब सेवा के लिए नहीं रह गई थी।

2027 तक था कार्यकाल
कुशवाहा अगर वह नहीं चाहते तो बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दे सकते थे। क्योंकि राज्यपाल द्वारा मनोनीत उम्मीदवार स्वतंत्र रूप से किसी भी दल में ना रहते हुए भी विधान परिषद का सदस्य बना रह सकता है। कुशवाहा ने मार्च 2021 में विधान परिषद की सदस्यता ली थी। ऐसे में उनका कार्यकाल मार्च 2027 तक था।

हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें : https://chat.whatsapp.com/EUEWO6nPYbgCd9cmfjHjxT