द फॉलोअप डेस्क
बिहार के 25 प्रमुख शहरों का सूरत जल्द ही बदलने वाली है। इसे लेकर मास्टर प्लान भी तैयार किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, नगर विकास एवं आवास विभाग ने इसकी प्रक्रिया तेज कर दी है। साथ ही संबंधित एजेंसियों को भी काम में तेजी लाने की हिदायत दी है। इन शहरों का मास्टर प्लान GIS (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित होगा, जो कि शहरों के सुनियोजित विकास को सुनिश्चित करेगा।
पटना का मास्टर प्लान है तैयार
बताया जा रहा है कि इस कड़ी में अब तक पटना का मास्टर प्लान बनकर पहले ही तैयार किया जा चुका है। जबकि शेष 25 शहरों का मास्टर प्लान विकास कार्य में है। इस काम के लिए विभाग ने 6 एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई है। इन एजेंसियों का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। विभाग ने इन्हें इस महत्वपूर्ण कार्य को शीघ्रता से पूरा करने को कहा है, ताकि इन शहरों में व्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास किया जा सके।
इन 25 शहरों का होगा विकास
जानकारी हो कि इन 25 शहरों में आरा, बक्सर, गया, बोधगया, मुजफ्फरपुर, बिहारशरीफ, सहरसा, पूर्णिया, छपरा, दरभंगा, मुंगेर, बेगूसराय, किशनगंज, कटिहार, सासाराम, डेहरी, मोतिहारी, औरंगाबाद, सिवान, बेतिया, बगहा, भागलपुर, हाजीपुर और जहानाबाद जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। इन शहरों में मास्टर प्लान तैयार करने का उद्देश्य इन क्षेत्रों का विकास करना और इनका दायरा बढ़ाना है।
इसके अलावा राज्य सरकार की योजना है कि सभी जिला मुख्यालयों और एक लाख से अधिक आबादी वाले सभी शहरों के लिए मास्टर प्लान तैयार किए जाएं। इस योजना के तहत 50 शहरों को आयोजन क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया गया है। इनमें से 16 शहरों में आयोजन क्षेत्र का गठन पूरा हो चुका है।
संपत्ति सर्वे भी किया जाएगा
मालूम हो कि नगर विकास विभाग द्वारा 26 नगरपालिका क्षेत्रों के लिए भी GIS आधारित मानचित्र तैयार किए जाएंगे, जिनमें संपत्ति सर्वे भी किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य नगर निगमों के राजस्व में वृद्धि करना है। इसके अलावा 29 शहरों में GIS आधारित मानचित्र का काम पूरा हो चुका है। 28 अन्य शहरों में यह कार्य जारी है। 15 शहरों में संपत्ति सर्वे भी चल रहा है। इस कार्य को गति देने के लिए 82 सहायक नगर योजना सुपरवाइजरों की नियुक्ति की गई है।
