द फॉलोअप डेस्क
देश भर में गैस सिलेंडर की किल्लत ने आम जनता को सड़कों पर उतरने पर मजबूर कर दिया है। वहीं बिहार के सासाराम जिले से एक हाई-वोल्टेज ड्रामा सामने आया है। नोखा बाजार में आक्रोशित लोगों ने सासाराम-आरा सड़क को जाम करते हुए खाली गैस सिलेंडर रखकर बीच सड़क पर ही प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आम लोग रात के करीब दो बजे से ही गैस सिलेंडर लेने के लिए कतार में खड़े थे, लेकिन नौबत यह थी कि सुबह तक भी गैस सिलेंडर की सप्लाई का कोई अता-पता नहीं था। वहीं इसी बीच तंग आकर लोगों ने सड़क पर ही प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इस बीच सासाराम से आरा जाने वाली मुख्य सड़क पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गई, जिससे आवागमन पर भारी असर पड़ा। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया कि एक तरफ वे महीनों पहले गैस की बुकिंग कर लगातार इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी खुलेआम की जा रही है। गैस एजेंसियों द्वारा कालाबाजारी का खेल जारी है जिसका परिणाम यह है कि आम आदमी घंटो तक लाइन में खड़े होकर पीस रहा है।

वहां मौजूद एक LPG उपभोक्ताओ ने बताया कि उन्होंने एक मार्च को ही गैस सिलेंडर के लिए नंबर लगाया था, लेकिन अब तक उन्हें सिलेंडर नहीं मिला है। वहीं कई लोगों का दर्द इस कदर है कि उनके घर में एक महीने से चूल्हा तक नही जल पाया है, जिसके बाद रात भर लाइन में खड़े रहने के बाद भी गैस सिलेंडर नहीं मिल पाया। इस प्रोटेस्ट में गुस्साए भीड़ ने बीच सड़क पर सिलेंडर रखकर कहा कि गैस दो, नही तो रास्ता बंद रहेगा। इस विरोध में यह साफ़ दिखा की गैस सिलेंडर की किल्लत अब सिर्फ साधारण नाराजगी तक सीमित नही रह गयी है, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों से जूझ रहे लोगों के द्वारा अब यह चीख और पुकार के जरिए निकल रहा है। इधर, सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने को कोशिश में जुट गई। इन सब के बीच हालात ऐसे रहे कि भूख और बेबसी के सामने प्रशासन की अपील भी कम पड़ गयी। वहीं स्थानीय स्तर पर अभय इंडेन सर्विस गैस एजेंसी पर भी सवाल उठाये गये हैं। लेकिन अब देखना यह अहम होगा कि प्रशासन इस गैस किल्लत से लोगों को निजात दिलाने के लिए क्या निर्णय लेता है।
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