गया:
बिहार के गया स्थित विश्व विख्यात विष्णु पद मंदिर (World famous Vishnu pad temple) में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के साथ बिहार सरकार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री मोहम्मद इसराइल मंसूरी (Israel Mansoori) के साथ जाने के बाद बवाल मच गया। जहां एक तरफ बीजेपी नेता इस मामले को लेकर विरोध कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मंदिर से जुड़े पंडा समाज में इसे लेकर गुस्सा है। प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंभू लाल बिठ्ठल (Shambhu Lal Bitthal) ने भगवान विष्णु से क्षमा मांगी, पहले गर्भगृह को गंगा जल से धोया फिर भगवान को भोग लगाया गया।

बड़े-बड़े बोर्ड में लिखा हुआ हैं अहिंदू प्रवेश निषेध
अध्यक्ष शंभु लाल बिठ्ठल ने कहा कि हमें इस बात की बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी कि मुख्यमंत्री के साथ एक मुस्लिम मंत्री भी हैं। विट्ठल ने कहा कि मंत्री को इसे सौभाग्य बताने के बजाए क्षमा मांगनी चाहिए। यह घोर गलत हुआ है। हमलोग मस्जिद में नहीं जाते हैं। वह हमारे पौराणिक परंपरा वाले मंदिर में कैसे प्रवेश कर गए, जहां बड़े-बड़े बोर्ड में लिखा हुआ है कि अहिंदू प्रवेश निषेध।
ऐसी गलती कभी नहीं हुई
शंभू प्रसाद विट्ठल ने यह भी बताया कि जांच में पता चला है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मुख्य सचिव आमिर सुबहानी विष्णुपद मंदिर के अंदर दाखिल नहीं हुए थे। पहले उनको लेकर भी चर्चा थी कि वह भी अंदर गए थे। मंदिर प्रबंध कारिणी समिति के अध्यक्ष शंभू लाल बिठ्ठल ने कहा कि इसके पूर्व में गया जिले के प्रभारी मंत्री शाहनवाज हुसैन रहे, लेकिन उन्होंने ऐसी गलती कभी नहीं की।

मुख्यमंत्री के साथ अंदर गये मंत्री
बता दें कि सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रबर डैम का निरीक्षण करने गया आए थे। उनके साथ जिले के प्रभारी मंत्री इसराइल मंसूरी भी थे। हाल ही में बनी महागठबंधन की सरकार में इसराइल मंसूरी सूचना-प्रसारण मंत्री भी हैं। इसके साथ ही नीतीश कुमार ने पितृपक्ष मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सबसे पहले विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। जब वो पूजा करने गर्भगृह में गए तो उनके साथ इसराइल मंसूरी भी अंदर चले आए। जबकि गयाजी के विश्व प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर मुख्य द्वार पर 'अहिंदू प्रवेश वर्जित' लिखा हुआ है। इसके बावजूद मंत्री अंदर चले गए। जिस पर अब बवाल शुरू हो गया है।
भावना को ठेस पहुंची है- अध्यक्ष
सदियों की परंपरा तोड़े जाने का हवाला देते हुए पंडा समाज मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के समक्ष अपनी बात पूरी तल्खी के साथ रखी। आनन-फानन में मंदिर के गर्भ गृह को पवित्र जल से शुद्ध कराया गया। साथ ही मंदिर परिसर की साफ-सफाई कराई गई। इसके बाद विधिवत भोग लगाए गए। मंदिर में मुस्लिम के प्रवेश को लेकर पंडा समाज बुरी तरह व्यथित है। मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष का कहना है कि इससे हमारी भावना को ठेस पहुंची है।
