द फॉलोअप डेस्क
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सर संघचालक मोहन भागवत बिहार के सुपौल जिले के वीरपुर पहुंच चुके हैं। बुधवार शाम वे मुजफ्फरपुर पहुंचे और आज (गुरुवार) वीरपुर में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। वीरपुर को सजाया गया है और यहां हर मार्ग पर स्वागत द्वार बनाए गए हैं। मोहन भागवत सरस्वती विद्या मंदिर का लोकार्पण करेंगे, जो शिक्षा और संस्कार को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। इस कार्यक्रम में नेपाल से भी बड़ी संख्या में स्वयंसेवक भाग लेंगे। कार्यक्रम को देखते हुए सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11.30 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम से होगा, जिसमें विद्यालय के छात्र-छात्राएं कला और राष्ट्रभक्ति की प्रस्तुति देंगे। दोपहर 1 बजे विद्यालय का उद्घाटन और लोकार्पण होगा, और फिर दो बजे संघ प्रमुख मोहन भागवत लोगों को संबोधित करेंगे। गौरतलब है कि संघ प्रमुख का यह दौरा पहले 11 अप्रैल 2020 को तय हुआ था, लेकिन कोविड महामारी के कारण कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद पांच साल का लंबा वक्त बीत चुका है और अब वीरपुर के लोग उनके विचारों को सुनने के लिए उत्साहित हैं। वीरपुर के लोग इस ऐतिहासिक मौके का गवाह बनने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।.jpeg)
जिले में संघ प्रमुख का पहला कार्यक्रम
यह सुपौल जिले में संघ प्रमुख डॉ. मोहन राव मधुकर भागवत का पहला कार्यक्रम है। वीरपुर को इस कार्यक्रम के लिए दुल्हन की तरह सजाया गया है और पूरा शहर फूलों और तोरण द्वार से सज चुका है।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
संघ प्रमुख को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है, और इसको ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। एसपी शेशव यादव ने तैयारियों का जायजा लिया है, जबकि एसडीपीओ सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि वीआईपी और प्रशासन के वाहन को छोड़कर सभी वाहनों को कोसी क्लब के मैदान में खड़ा किया जाएगा। सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई है।
नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई गई
संघ प्रमुख के आगमन को लेकर भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी ने विशेष अलर्ट जारी कर दिया है। सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, और सभी 18 बीओपी द्वारा वाहन जांच के साथ-साथ आने-जाने वालों की गहन तलाशी ली जा रही है। एसएसबी के कमांडेंट गौरव कुमार सिंह ने बताया कि संघ प्रमुख के आगमन को लेकर विशेष चौकसी बरती जा रही है।
नेपाल से भी आएंगे लोग
कार्यक्रम में नेपाल से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल होने के लिए आ रहे हैं, क्योंकि वीरपुर भारत-नेपाल बॉर्डर पर स्थित है। अनुमान है कि इस कार्यक्रम में दस हजार से अधिक लोग भाग ले सकते हैं।