पटना:
बिहार में एनडीए गठबंधन टूट चुका है। बदलते सियासी घटनाक्रम के बीच बिहार में जेडीयू और आरजेडी गठबंधन वाली नई सरकार का गठन हो रहा है। नई सरकार के गठन पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति पारस ने कहा कि पहले भी राजद और जदयू के बीच एक प्रयोग किया जा चुका था। जनता उसका हश्र देख चुकी है।

लंबे समय तक साथ नहीं रह सकते आरजेडी-जेडीयू!
बिहार में नवगठित आरजेडी-जेडीयू गठबंधन वाली सरकार पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति पारस ने कहा कि पहले भी राजद और जेडीयू के बीच एक प्रयोग किया गया था लेकिन वे लंबे समय तक साथ नहीं रह सके। एकबार फिर ऐसा गठबंधन आ रहा है। पशुपति पारस ने कहा कि ये बिहार के विकास के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने तय किया है कि हमारी पार्टी एनडीए का हिस्सा थी और आगे भी रहेगी। \
Earlier also an experiment was done between RJD & JDU but they can't stay together for long. Again such an alliance is coming, it's not a good sign for Bihar's development. We have decided that our party will remain a part of NDA: Union min & RLJP President Pashupati Paras pic.twitter.com/orVpScMDL3
— ANI (@ANI) August 9, 2022
लोजपा एनडीए के साथ बनी रहेगी- सांसद प्रिंस राज!
लोकसभा सांसद और लोजपा नेता प्रिंस राज ने कहा कि राष्ट्रीय लोक जनशक्ति के साथ है। उन्होंने कहा कि हम अन्य दलों के फैसलों पर टिप्पणी नहीं करना चाहते लेकिन हम एनडीए के साथ हैं। प्रिंस राज ने कहा कि हमें ऐसा नहीं लगा कि भारतीय जनता पार्टी क्षेत्रीय दलों को सम्मान नहीं दे रही है। बाकी जेडीयू को जो भी लगा वो उनके नेता ही बता सकते हैं।
Delhi | Rashtriya Lok Janshakti Party (RLJP) is with NDA. We don't want to comment on the decisions of other parties but we are with NDA. We didn't feel that (BJP is not giving respect). They (JDU) can only tell about them: Lok Sabha MP and RLJP leader Prince Raj#BiharPolitics pic.twitter.com/cSXQ8sdHtr
— ANI (@ANI) August 9, 2022
बिहार में बीजेपी और जेडीयू का गठबंधन टूट गया
गौरतलब है कि बिहार में सोमवार से जारी सियासी हलचल के बीच एनडीए गठबंधन टूट गया। जेडीयू और बीजेपी की राहें अलग हो गईं। 2020 का विधानसभा चुनाव दोनों पार्टियों ने मिलकर लड़ा था। इससे पहले 2015 का विधानसभा चुनाव नीतीश की जेडीयू और लालू की आरजेडी ने मिलकर लड़ा था।
उसमें कांग्रेस पार्टी भी शामिल थी। हालांकि, 2017 में नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग हो गये और बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। बीते काफी समय से बीजेपी और जेडीयू में तनातनी दिख रही थी। दोनों ही पार्टियों के नेता एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे।