पटना:
बिहार में CBI कार्रवाई का लेकर सियासत गरमा गई है। RJD के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी (Shivanand Tiwari) के राज्य में CBI की डायरेक्ट एंट्री (CBI In Bihar) को लेकर दिए बयान से विवाद खड़ा हो गया है। जब इस बारे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पता नहीं कौन-कौन बोलता है। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

शिवानंद तिवारी को गलत जानकारी है
वहीं JDU के संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने शिवानंद तिवारी को बयान के बारे में कहा कि उनको गलत जानकारी है। महागठबंधन घटक दल में ऐसी कोई बात नहीं हुई है। बिहार में CBI की एंट्री को लेकर कोई बात या चर्चा नहीं हुई है।
CBI की जांच के लिए लेना होगा राज्य सरकार से इजाजत
बता दें कि पहले ऐसी खबर आई थी कि बिहार सरकार CBI की जांच की मंजूरी पर रोक लगा सकती है। अगर राज्य सरकार इस तरह के फैसले लेती है तो CBI को बिहार में जांच के लिए पहले राज्य सरकार से इजाजत लेनी होगी। कहा जा रहा था कि प्रशासनिक महकमे की तरफ से CBI पर रोक लगाने के लिए बिहार सरकार ने पहल शुरू कर दी है। इसके लिए क्या कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाता है या किसी दूसरे स्तर से आदेश जारी होता है यह देखना होगा।

पहले कई राज्य ले चुकी है ऐसा फैसला
बिहार से पहले पश्चिम बंगाल में सरकार ने इस तरह के फैसले लिए हैं, पश्चिम बंगाल के साथ ही छत्तीसगढ़ राजस्थान पंजाब, मेघालय ने भी इस तरह के फैसले लिए है। इनमें ज्यादातर गैर-बीजेपी पार्टियों द्वारा शासित राज्य हैं।