द फॉलोअप डेस्क
मधेपुरा जिले के पुरैनी थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह को विजिलेंस टीम ने 7 अप्रैल को 7,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। मामला जमीन की फाइल को आगे बढ़ाने के लिए ‘नजराना’ मांगने का था। इस मामले को लेकर औरईया गांव के निवासी वशिष्ठ कुमार विश्वकर्मा ने बीते 20 मार्च को पटना स्थित निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं इस ‘नजराना’ की शिकायत मिलते ही विजिलेंस ने गुप्त तरीके से जांच शुरू की और आरोप सही पाए गए।

विजिलेंस के एसपी इकबाल मेहदी के निर्देश के बाद बनाई गई स्पेशल ट्रैप टीम ने दारोगा अनिल कुमार सिंह को रंगे हाथ पकड़ा। छापेमारी के दौरान आरोपी सब-इंस्पेक्टर के पास से केमिकल लगे नोट बरामद किए गए, जिससे सबूत और भी पुख्ता हो गया। इस गिरफ्तारी के बाद बिहार पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि भ्रष्ट अधिकारियों के लिए निगरानी विभाग का साफ संदेश है कि आम आदमी के काम के बदले उगाही का खेल अब ज्यादा दिन नहीं चलेगा।
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