द फॉलोअप डेस्क
झारखंड स्टेट बार काउंसिल के सत्र 2026-2031 के चुनावों में मतगणना के बीच अनियमितताओं के आरोप तेज हो गए हैं। लोहरदगा सिविल कोर्ट के अधिवक्ता और प्रत्याशी अजय कुमार ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखकर चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं साथ ही इसे रद्द करने की मांग की है। अजय कुमार का कहना है कि रांची सिविल कोर्ट की मतगणना के बाद जारी नतीजों में उन्हें शून्य प्रथम वरीयता मत दिखाया गया, जो पूरी तरह संदिग्ध है। उन्होंने दावा किया कि उनके अपने भतीजे, जो रांची सिविल कोर्ट में वकालत करते हैं, उन्होंने उन्हें प्रथम वरीयता वोट दिया था और इस बात की पुष्टि के लिए शपथ पत्र देने को भी तैयार हैं।

इसके अलावा उन्होंने मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज हस्ताक्षरों की संख्या कम है, जबकि मतपेटी से अधिक मतपत्र निकले हैं। उन्होंने खास तौर पर बूथ संख्या 7 के वोटर लिस्ट, मतपत्र और हस्ताक्षर रजिस्टर के मिलान की मांग की है। अजय कुमार ने यह भी दावा किया कि धनबाद और बोकारो में भी बैलेट पेपर की संख्या अधिक पाए जाने की खबरें सामने आ रही हैं, जो पूरे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती हैं।