द फॉलोअप डेस्क
किशनगंज में तैनात DSP गौतम कुमार की कथित 80 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्ति के मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। उनके घर में काम करने वाली नौकरानी पारो के पास भी करोड़ों की संपत्ति होने का खुलासा हुआ है। धरमगंज के किला बागान की रहने वाली पारो की लाइफस्टाइल किसी आम घरेलू सहायिका जैसी नहीं थी। वह करीब 35 लाख रुपये की लग्जरी थार से काम पर आती थी। इतना ही नहीं, उसे लाने-ले जाने के लिए कई बार सरकारी और निजी वाहनों का भी इस्तेमाल किया जाता था। जांच में सामने आया है कि पारो ने पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के मलद्वार इलाके में लगभग एक करोड़ रुपये का आलीशान बंगला बनवाया है। इसके अलावा, उसे DSP गौतम कुमार की ओर से एक बुलेट बाइक भी गिफ्ट में दी गई थी। पारो सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय थी, जहाँ उसकी लग्जरी लाइफस्टाइल साफ झलकती थी। उसने बुलेट बाइक के साथ अपनी तस्वीरें शेयर की हैं।
साथ ही, एक वीडियो में उसके हाथ में करीब डेढ़ लाख रुपये नकद भी नजर आ रहे हैं। कई तस्वीरों में वह DSP और उनके करीबियों के साथ दिखाई दे रही है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी के बाद पारो अपने पूरे परिवार के साथ फरार हो गई है। इस खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गई है। गौतम कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी 32 साल की सेवा के दौरान करीब 80 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है। उनके महंगे शौक लक्जरी रिसॉर्ट में ठहरना, फैमिली ट्रिप और आलीशान जीवनशैली पहले से ही चर्चा में थे। पूर्णिया में जिस बंगले में उनके रहने की बात कही जा रही है, उसकी कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये है। वहीं, उसके इंटीरियर और फर्निशिंग पर 1 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। उनकी पत्नी सरकारी शिक्षिका हैं, लेकिन वे खुद भी लग्जरी गाड़ियों में चलती हैं। 31 मार्च को EOU ने गौतम कुमार के 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इनमें पूर्णिया, किशनगंज, पटना, अररिया और सिलीगुड़ी शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान जमीन के 36 दस्तावेज, LIC और नोएडा-गुड़गांव में निवेश से जुड़े कागजात बरामद हुए। साथ ही 60 लाख रुपये के गहने, महंगी घड़ियां और क्रेटा-थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी मिलीं। EOU की कार्रवाई के बाद गौतम कुमार को पुलिस मुख्यालय क्लोज कर दिया गया है। DGP विनय कुमार ने उनके निलंबन की प्रक्रिया शुरू होने की पुष्टि की है। DGP विनय कुमार ने बताया है कि उनके निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गौतम कुमार मूल रूप से सहरसा के रहने वाले हैं और 1994 बैच के सब-इंस्पेक्टर हैं। वर्तमान में उन्हें पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में योगदान देने का आदेश दिया गया है। उनकी जगह SDPO-2 मंगलेश कुमार सिंह को किशनगंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सूत्रों के मुताबिक, जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल, इस मामले ने बिहार के पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है।