पटना:
बिहार (Bihar) में नई सरकार का गठन हो गया है। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने बुधवार को मुख्यमंत्री और तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही शाम को कैबिनेट की बैठक बुला गई थी जिसमें विभागों के बंटवारे को लेकर बात होनी थी। हालांकि, अभी तक राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हुआ है और न ही यह बात सामने आई है कि किसे कौन-सा विभाग किसे सौंपा जाएगा। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शर्मा (Anil Sharma) ने कहा है कि बिहार की इस सरकार में पांच उपमुख्यमंत्री होने चाहिए। इससे महागठबंधन को ज्यादा ताकत मिलेगी।

बिहार में भी होने चाहिए 5 उपमुख्यमंत्री
अनिल शर्मा ने कहा है कि पिछड़ा, अति पिछड़ा, अनुसूचित जाति, मुस्लिम और सवर्ण से 1-1 उप मुख्यमंत्री बनाएं। इससे 2024 ही नहीं बल्कि 2025 में ही भारतीय जनता पार्टी की कोई हैसियत बिहार में नहीं रह जाएगी। उन्होंने आंध्र प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पांच उप मुख्यमंत्री काम कर रहे हैं। राज्य की परिस्थितियों को देखते हुए यह करना चाहिए। इससे समाज में समरसता भी रहेगी।

कांग्रेस भी महागठबंधन सरकार का हिस्सा
अनिल शर्मा के इस बयान पर जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कांग्रस भी महागठबंधन सरकार का हिस्सा है। इसमें सरकार में हर दल की हिस्सेदारी होगी। इस मुद्दे पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को महागठबंधन के शीर्ष नेता के सामने बात रखनी चाहिए। वहीं उनके इस बयान पर राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा कि महागठबंधन का नेतृत्व इतना परिपक्व है कि जो बिहार की बेहतरी के लिए जो होगा उस पर निर्णय लेने के लिए सक्षम है।