पटना:
बिहार (Bihar) में नई सरकार के विधानमंडल कार्यवाही (Legislature Proceedings) से पहले ही CBI और ED ने अपना काम शुरू कर दिया है। CBI की टीमों ने बिहार में राजद (RJD) के 4 नेताओं के घर छापा मारा। इनमें RJD के कोषाध्यक्ष और MLC सुनील सिंह, पूर्व MLC सुबोध राय, राज्यसभा सांसद फैयाज अहमद और राज्यसभा सांसद अशफाक करीम के घर CBI की टीमें मौजूद हैं। कहा जा रहा है कि मामला रेलवे में रोजगार घोटाले से जुड़ा है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
सुनील सिंह के घर CBI की रेड
CBI की टीम सुबह 8 बजे से ही इन नेताओं के घर पर मौजूद है। कार्रवाई के दौरान सुनील सिंह अपने घर की बालकनी में आए और मीडिया से बात की। कार्रवाई के दौरान उनकी पत्नी और वो CBI पर नाराजगी दिखा रहे थे। उन्होंने इसे बदले की कार्रवाई बताया है। कहा कि मुझे बाहर कर दिया है और मेरे घर में घुस गए। किसी को बुलाने नहीं दे रहे हैं।

सुनील सिंह के के कई ठिकानों पर छापेमारी जारी
जानकारी के अनुसार CBI की टीम ने MLC सुनील सिंह के पटना स्थित आवास ऑफिस के साथ ही उनके सारण जिले के अंतर्गत नया गांव स्थित पैतृक ठिकानों पर भी छापेमारी जारी है। सूत्रों की मानें तो आरजेडी के एमएलसी व कोषाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह के साथ राज्यसभा सांसद अशफाक करीम के ठिकानों पर केंद्रीय एजेंसिया छापेमारी कर रही है। सूत्रों की मानें तो केंद्रीय एजेंसी ने जमीन के बदले नौकरी घोटाले में ये कार्रवाई की है।
क्या है रेलवे रोजगार घोटाला
दरअसल, रेलवे भर्ती घोटाला भी साल 2004 से 2009 के बीच के समय का है। लालू यादव जब केंद्रीय रेल मंत्री थे तो नौकरी लगवाने के बदले जमीन और प्लॉट लिए गए थे। इस मामले में CBI 18 मई को लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और हेमा यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआई दर्ज की थी। इसी साल मई 2022 में लालू यादव के 17 ठिकानों पर छापेमारी भी की गई थी। आरोप है कि रेलवे में ग्रुप डी में नौकरी के बदले पटना में प्रमुख संपत्तियों को लालू के परिवार के सदस्यों को बेची या गिफ्ट में दी गई थी।

तेजस्वी को CBI का अंतिम प्रपत्र
इधर तेजस्वी यादव पर भी ED ने शिकंजा कसा हुआ है। IRCTC घोटाला मामले में लालू यादव के करीबी भोला यादव गिरफ्तार किए जा चुके हैं। तेजस्वी यादव पर आरोप लगे हैं कि आईआरसीटीसी के टेंडर में तेजस्वी यादव को बड़ा फायदा हुआ है। तेजस्वी यादव पर आईआरसीटीसी घोटाला मामले में CBI ने अंतिम प्रपत्र दाखिल किया हुआ है। कभी भी उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विधानसभा का विशेष सत्र से पहले CBI का छापा
सीबीआई की ये कार्रवाई बिहार विधानसभा में महागठबंधन सरकार के फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले हुई है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद बुधवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नई सरकार का बहुमत परीक्षण होगा। इसके साथ ही स्पीकर विजय सिन्हा के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर भी वोटिंग होगी।
