पटनाः
लंबे इंतजार के बाद रणजी ट्रॉफी 2022 का आगाज हो चुका है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इस बार रणजी ट्रॉफी का आयोजन दो फेज में कर रहा है। रणजी ट्रॉफी के दूसरे दिन बिहार के बल्लेबाज सकीबुल गनी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। बिहार के साकिबुल गनी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए अपने फर्स्ट क्लास मैच में तीसरा सतक लगाया है। उन्होंने 405 गेंदों में 341 रन बनाए और अपनी पारी में 56 चौके और दो छक्के भी लगाए। रणजी ट्रॉफी में बिहार और मिजोरम के मैच में साकिबुल गनी ने विश्व रिकार्ड बनाया है। वह अपने पहले फर्स्ट क्लास मैच में तिहरा शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। मिजोरम के खिलाफ मैच में उन्होने 405 गेंदों में 341 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 56 चौके और दो छक्के लगाए। मिजोरम के खिलाफ बिहार की शुरुआत कुछ खास नहीं रही थी, लेकिन साकिबुल और बाबुल कुमार ने मिलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया और 557 रनो की पारी खेली।

नहीं गिरने दिया विकेट
साल्ट लेक के जेयू कैंपस मैदान पर खेले जा रहे इस मैच में बिहार ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 71 रनों तक तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद साकिबुल और बाबुल ने कोई विकेट नहीं गिरने दिया और स्कोर को 600 रनों के पार पहुंचा दिया। साकिबुल ने जहां तेज तर्रार ट्रिपल सतक जड़ा, वहीं बाबुल कुमार ने भी डबल सेंचुरी लगाया। तो वहीं सकीबुल 341 रन बनाकर आउट हो गए। इस पारी के दौरान उन्होंने 84.20 के स्ट्राइक रेट से ये रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर चौथे विकेट के लिए 532 रनों की साझेदारी निभाई। डेब्यू फर्स्ट क्लास में सबसे ज्यादा स्कोर का रिकॉर्ड इससे पहले अजय रोहेरा के नाम दर्ज था। मध्य प्रदेश के रोहेरा ने हैदराबाद के खिलाफ रणजी ट्रॉफी 2018-19 में नॉटआउट 267 रनों की पारी खेली थी। पर इस रिकॉर्ड को मात देते हुए साकिबुल ने अपने नाम किया यह रिकॉर्ड।

क्या कहते हैं साकिबुल गनी के भाई
साकिबुल गनी के भाई फैसल गनी बताते हैं की वे खुद एक क्रिकेटर हैं। उन्होंने कूच बिहार ट्रॉफी (अंडर 19 ) बिहार असोसिएसशन टीम 2009-10 के साथ खेला है। उसके बाद मैं ईस्ट जोन विज़्ज़ी ट्रॉफी में कप्तान भी रहा हूं। पैर मैंने क्रिकेट छोड़ दिया क्यों की बिहार में क्रिकेट का कोई फ्यूचर ही नहीं है। परन्तु उन्होंने से तय कर लिया था की साकिबुल एक सिंगल ट्रेनिंग भी मिस न करें। मैंने तो इसे रांची भेजने का भी तय कर लिया था ताकि वो झारखण्ड के लिए खेल सके। फैसल अपने पिता के विरुद्ध जाकर साकिबुल को 15 सालों तक ट्रैन किया है।