द फॉलोअप डेस्क:
बिहार (Bihar) की राजनीति में विधान परिषद चुनाव (Legislative Council Election) के नतीजों से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा (Mokama) के विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) ने पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा है। एक मीडिया चैनल से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में जेडीयू महज 12 सीटों पर सिमट जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी पर किसका अधिकार है, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन अब जेडीयू को अपनी वास्तविक स्थिति का पता चल जाएगा। निष्कासन की कार्रवाई के बावजूद अनंत सिंह के तेवर में कोई नरमी नहीं दिखी।

नीतीश कुमार के प्रति जताई निष्ठा
अनंत सिंह ने अपने बयान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति सम्मान और निष्ठा भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह पहले भी नीतीश कुमार के साथ थे और आगे भी उनके साथ रहेंगे। नीतीश कुमार जहां भी रहेंगे, वह उनका सम्मान करते रहेंगे। अनंत सिंह ने पार्टी के मौजूदा नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा कि अगर नीतीश कुमार सक्रिय रूप से पार्टी में होते, तो उन्हें निष्कासित करने की हिम्मत कौन करता। उनके इस बयान से साफ है कि जेडीयू से बाहर किए जाने के बाद भी उन्होंने नीतीश कुमार से अपने राजनीतिक रिश्ते अलग नहीं किए हैं। वहीं, उनके आवास पर रसगुल्ले बनाने और भोज की तैयारियों की खबरों के बीच कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। शनिवार की रात आतिशबाजी भी की गई।

नीरज कुमार के विरोध में उतरे थे अनंत सिंह
अनंत सिंह और जेडीयू के बीच विवाद की मुख्य वजह बिहार विधान परिषद चुनाव में पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार का विरोध माना जा रहा है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के समर्थन में उतरने के बजाय जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया और वोट मांगे थे। इस दौरान उन्होंने नीरज कुमार के खिलाफ भी कई बयान दिए। दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिशें हुईं, लेकिन विवाद नहीं सुलझ सका। आखिरकार जेडीयू ने अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। अब 27 अक्टूबर को आने वाले विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर सबकी नजरें टिकी हैं। इन नतीजों से चुनावी मुकाबले के साथ-साथ अनंत सिंह के दावों और जेडीयू के प्रदर्शन को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है।