डेस्क :
बिहार में 10 हजार दिव्यांगजनों को मुफ्त में बैट्री चलित ट्राइसाइकिल मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को 42 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। ई-ट्राइसाइकिल वितरण चालू वित्त वर्ष 2022-23 में किया जायेगा। पहली बार दी जानेवाली बैट्री चालित ट्राइसाइकिल का लाभ कॉलेज और यूनिवर्सिटी जानेवाले वाले वैसे विद्यार्थियों को मिलेगा, जिनका घर कॉलेज या विश्वविद्यालय से तीन किलोमीटर दूर हो। इसके अलावा वैसे रोजगार करनेवाले परिवार के कमाऊ सदस्य जिनका आवास और रोजगार स्थल तीन किलोमीटर या उससे अधिक दूर हो उन्हें भी योजना का लाभ मिलेगा ।
पहले आओ- पहले पाओ के आधार पर वितरित होगी 10 हजार ई-ट्राइसाइकिल
कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव डा एस सिद्धार्थ ने बताया कि समाज कल्याण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तीकरण छात्र योजना के तहत संचालित संबल योजना में 10 हजार बैट्री चालित ट्राइसाइकिल के मुफ्त वितरण की स्वीकृति दी गयी है। यह योजना पहले आओ- पहले पाओ के आधार पर लागू की जायेगी।

ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगा रजिस्ट्रेशन
ई-ट्राइसाइकिल के लिए आवेदकों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। जिलास्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित स्क्रिनिंग कमेटी द्वारा इसका चयन किया जायेगा। आवेदन प्राप्त होगा फिर उसकी जांच होगी। वितरण के लिए जिलावार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा दिव्यांगजनों का चयन होगा।

बिहार के निवासी को ही मिलेगा लाभ
कैंप आयोजित कर बैट्री चालित ट्राइसाइकिल का वितरण किया जायेगा। सचिव डा एस सिद्धार्थ ने बताया कि पात्रता की शर्तों में बिहार राज्य के स्थायी निवासी एवं आवेदक का बिहार में रहना अनिवार्य होगा। उसकी अधिकतम सालाना आय दो लाख हो, आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे ऊपर होनी चाहिए और दिव्यांगता का प्रतिशत न्यूनतम 60 प्रतिशत (चलंत दिव्यांगता) होनी चाहिए। बैट्री चालित ट्राइसाइकिल की खरीद भारत सरकार के उपक्रम एलिमको से किया जायेगा। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि एक बार लाभान्वित होने के बाद लाभुक को अगले 10 वर्षों तक बैट्री चालित ट्राइसाइकिल का लाभ नहीं दिया जायेगा।