जनसंख्या नियंत्रण समझाते हुए बिहार के मुख्यमंत्री अपनी मर्यादा भूल गए। दरअसल सीएम ने शादी को लेकर ऐसी टिप्पणी की जिसे सुन सदन में अजीब-सा महौल हो गया। जहां पुरुष विधायक मुंह दाब कर हंसने लगे वहीं महिलाएं सिर झुकाकर बैठी रही।
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक बिहार में पिछड़ा वर्ग के 33.16%, सामान्य वर्ग में 25.09%, अत्यंत पिछड़ा वर्ग में 33.58%, SC के 42.93% और ST 42.7% गरीब परिवार हैं। सवर्णों में 25.9 प्रतिशत परिवार गरीब हैं, उनमें भूमिहार और ब्राह्मण की तादाद ज्यादा है।
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने जातिगत सर्वे के बहाने आज नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव पर हमला बोला। कहा कि इस सर्वे से दोनों नेताओं को कोई लाभ नहीं होने वाला है।
मामला गोपालगंज के श्रीपुर ओपी के चतुर्भुज गांव का है। पीड़ित परिजनों के मुताबिक उस्मान मिर्या के एक जमीन पर हमलावर परिवार ने अपना धान का पुआल रखा था। जिसे लेकर वो लोग विरोध कर रहे थे। जिसके बाद पहले व्हाट्सएप पर कब्र खोदने की धमकी दी।
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने फिर से नीतीश कुमार पर तंज किया है। कहा, नीतीश को बोलना कुछ और रहता है और वे बोलते कुछ और हैं।
बिहार की राजधानी पटना में एक पिता ने अपने बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी है। दरअसल बेटा मामूली विवाद में अपनी को पीट रहा था। इसी से आक्रोशित पिता ने बेटे की ईंट पत्थर से कूचकर बेटे की जान ले ली।
बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने 1 लाख 20 हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया है। इसे बिहार में अब तक की सबसे बड़ी बहाली बताया गया है।
बिहार के सीएम नीतीश कुमार कल यानी 2 नवंबर को 1 लाख 20 हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देंगे। इस मामले में जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार को चैलेंज करते हुए एक बड़ी बात कही है।
केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने अपने सभी पांचों सांसदों को उनकी ही सीट पर उतारने की घोषणा करके एनडीए में भी खलबली मचा दी है। ऐसा तब है जबकि चिराग पासवान की भी दावेदारी इन पांचों सीटों पर है
आज लगभग में पूरे देश में बीजेपी का डंका बज रहा है। बीजेपी की इस सफलता के पीछे का राज क्या है। जन जन सुराज के मुखिया ने आज इसके 4 कारण बताये।
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस और बीजेपी पर निशाना साधा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि 1989-90 में कांग्रेस जब यहां हारी, उसके बाद उन्होंने बिहार को एक तरह से लालू को बेच दिया।
सफलता से पूरे घर में खुशी का महौल था। हर कोई खुशी में झूम रहा था लेकिन थोड़ी ही देर बाद सारी खुशी मातम में तबदील हो गई। ललन के पिता जगदीश भारती ने दुनिया को अलविदा कह दिया।