नीतीश कुमार (Nitish kumar) के नौवीं बार बिहार का सीएम बनने पर प्रदेश जदयू के नेताओं ने बधाई दी है। नीतीश के साथ जदयू नेताओं ने बीजेपी के सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी है।
बिहार में बदलते सियासी परिदृश्य पर जनसुराज के मुखिया प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने कहा कि सिर्फ नीतीश कुमार ही नहीं, बल्कि इनसे बड़े पलटूमार नेता BJP में हैं।
नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के रुप में 9वीं बार शपथ ग्रहण कर लिया है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने नीतीश कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई है।
उन्होंने नीतीश कुमार की इंजीनियरिंग का उदाहरण देते हुए तीखा तंज किया है। गौरतलब है कि आज तकरीबन 11 बजे नीतीश कुमार ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंपकर महागठबंधन सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।
तेजस्वी यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि खेल अभी बाकी है, मैं जो कहता हूं करता हूं। शुरू उन्होंने किया है खत्म हम करेंगे। तेजस्वी ने दावा किया है कि जनता दल 2024 में खत्म हो जाएगी।
शाम 5:30 बजे से कैबिनेट की बैठक होगी। बैठक के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शाम 6:30 बजे प्रेस कॉन्फेंस करेंगे।
तेजप्रताप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा है कि जब भाव न जागा भावों में, उस भावों का कोई भाव नहीं,ऐसी भावों का कोई स्थान नहीं,जिनका भाव नहीं अपनों की भावों में,कहाँ रखी है भाव तेरी, जिनका ख़्याल तेरी भावों में,बस सत्ता का ख़्याल है तेरी भावों में,अपनों
कांग्रेस पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने नीतीश कुमार की तुलना गिरगिट से कर डाली। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार रंग बदलने में गिरगिटों को भी कड़ी टक्कर देते हैं। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार के इस्तीफे से इंडि. गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
नीतीश कुमार 8 मंत्रियों के साथ शाम 5 बजे शपथ लेंगे
सुशील कुमार मोदी ने कहा कि हम जानते थे कि आरजेडी और जेडीयू के बीच गठबंधन एक अप्राकृतिक गठबंधन था।
बिहार में सत्ता का समीकरण बदल चुका है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर राजभवन पहुंचे हैं। जहां उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को समर्थन पत्र सौंप कर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है।
के चंद्रशेखर राव ने पटना जाकर नीतीश कुमार को अपने पक्ष में लाने का फैसला किया था। तब भी नीतीश कुमार को संदेह था। हमने कांग्रेस पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति में स्वीकार्यता दिलाई लेकिन कांग्रेस का रवैया क्षेत्रीय दलों के विकास में रोड़ा है।